प्रियों हमे पता है Bible मे लिखी होवे बाते सत्या और उसमे जीवान है। पर किया हम हर दिन Bible पढ़ते है? किया हम हर दिन वचन की बारे मे सोचते है? जी नहीं। हम बचानों से जायदा सांगसर की नियमोंग को पसंद कारते है और पालन करना चाहते है। देखो ,आप प्रभु येसु से चुने होवे एक दस और दासी है, आपको कुशी दिया , संती दिया और आशिस किया और आपको जरूरत है की आप प्रभु के साथ अपना जीवन बिताये ।
याकूब 4:14 यह कहता है की "तुम नहीं जानते कि कल क्या होगा , तुम्हारा जीवन क्या है ? तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है।" इसिलिए हम परमेस्वर की दिये होवे बचानों को सीख कर अपना जीवन मे आगे बढ़ना है और प्रभु को सदा धन्यवाद करे।
Bible study plan - बचन पढ़ने की तरीका
Bible बचन किया है
वचन, आत्मा मे जीवित रहने के लिए , दिया होवा एक पुरुस्कार है। जब आप बाइबल पढ़ेंगे तो जानेंगे की " परमेश्वर द्वारा दिया गया वचन जीवित है और हमे सहि और गलत कि मार्ग सिखत है। परमेश्वर चाहता है की हम उसका बेटा और बेटी बने और सदा प्रभु की महिमा करे। आप जितना ज्यादा बचन पढ़ेंगे उतना ही ज्यादा परमेश्वर का करीब और मजबूत बने रहेंगे।
मानव सोचते है कि बाइबल को मनुष्य ने लिखा है पर बाइबल परमेश्वर के पवित्रा आत्मा द्वारा लिखे गए है | 2 तीमु 3:16-17 यह कहता है की "सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की विचार से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धार्मिकता की शिक्षा के लिये लाभ देनेवाला है, ताकि परमेश्वर का लोग लब्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तैयारहो जाए।" और 2 पत 1:21 भी यह कहता है "क्योंकि कोई भी भविष्यद्वाणी मनुष्य की इच्छा से कभी नहीं हुई पर पवित्र आत्मा के द्वारा परमेश्वर की ओर से बोलते है।"
बाइबल परमेश्वर का वचन है और बाइबल का वचन हमे सही रास्ता दिखाता है जैसे की बाइबल में लिखा है यूहन्ना 14:6 यीशु ने कहा मार्ग सत्य और जीवन मैं ही हूं । इसलिए जो परमेश्वर में विश्वास करते हैं वह बाइबल रोजाना पढ़ना चाहिए क्योंकि बाइबल में बहुत सारे ऐसी जानकारी दिया गया है जो दुनिया के किसी भी किताबों में नहीं मिलेगा जैसे की बाइबिल में लिखा है परमेश्वर ने सर्वप्रथम स्वर्ग और पृथ्वी की रचना किया, सही और गलत, पाप और बुराई, झूठ और सच्चाई और भी बहुत सारे शिक्षा बाइबल में दिया गया है । "Bible study plan"
बचन को कैसे पढ़ना सुरु करे
Bible वचन को पढ़ना और Bible कि बाते को समझना हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम वचन पढ़ने के लिए कौन सा तरीका अपनाते हैं । जैसे हम वचन को समझ कर पढ़ते जाते हैं वैसे ही वचन हमारे जीवन में कार्य करता है । बाइबल का प्रमुख दो 2 भाग है
- पुराना नियम (39 Books)
- नया नियम (27 Books)
संपूर्ण बाइबल में हमें यह बताया गया है कि परमेश्वर हमसे प्रेम करता है (यूहन्ना 3:16) और हम सभी को एक उद्देश्य लेकर अच्छे काम के लिए बनाया है और वह हमेशा हमारे साथ रहता है |
- वचन पढ़ने से पहले हमें प्रार्थना करना चाहिए क्योंकि जब हम प्रार्थना करके वचन को पढ़ते हैं तो पवित्र आत्मा हमें वचन की गहराई को समझने की सामर्थ देता है।
इब्रानि 4:12 यह कहता है " वचन जीवित और बलवान है, और दो-धारी तलवार से भी तेज और चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग करके, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है"।वैसे बचन को पढ़ने के लिए को समय Fixed नहीं है। आप आपना किसी भी समय निकल कर पढ़हे। परन्तु ध्यान रखे "की जब सुबह बिस्तर से उठे, आप अपना दिन बचन से सुरु करे और सोने से पहले भी वचन को जरूर पढ़हे।
- उत्पति से लकेर प्रकाशितबाक्या तक अध्याय से अध्याय निकले जैसे की " यूहन्ना 3:16, इब्रानियों 4:12, यशायाह 40:8, भजन संहिता 128 |
- वचन को पढ़ने के लिए शुद्ध मन और शांत विवेक होना चाहिए और शांत माहौल होना चाहिए जहां तक हो सके तो अपने ध्यान को भड़काने ना दें
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